रिश्तों में झगड़े क्यों नहीं रुकते? जानिए कौन सी राशियाँ सबसे ज्यादा टकराती हैं
क्या आप ऐसे रिश्ते में हैं जहाँ बहसें कभी खत्म ही नहीं होतीं? हो सकता है कि इसका कारण केवल स्वभाव नहीं बल्कि आपकी राशि भी हो। ज्योतिष के अनुसार कुछ राशियों के व्यक्तित्व इतने मजबूत और आग जैसी ऊर्जा वाले होते हैं कि वे अक्सर टकराव की स्थिति बना देते हैं। अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति के साथ हैं जिनकी राशि “फायर” या “स्टबर्न” (जिद्दी) तत्व वाली है, तो मतभेद होना लगभग तय है। आइए जानते हैं कि कौन सी राशियाँ रिश्तों में सबसे अधिक झगड़े करती हैं और इसके पीछे क्या कारण होते हैं।
मेष राशि (Aries) – जोश और गुस्से का संगम
मेष राशि के लोग ऊर्जा से भरे, आत्मविश्वासी और कभी-कभी अत्यधिक उत्तेजित होते हैं। वे किसी भी बहस में पीछे हटना पसंद नहीं करते और अपनी बात मनवाने की जिद करते हैं। उनका शासक ग्रह मंगल है, जो आक्रामकता और जुनून का प्रतीक है। इसलिए जब रिश्ता समझदारी की बजाय “मैं सही हूँ” वाली सोच पर आधारित हो जाए, तो झगड़े स्वाभाविक हो जाते हैं। अगर दोनों पार्टनर में से एक भी मेष राशि का है, तो बहस जल्दी शुरू और देर से खत्म होती है।
वृषभ राशि (Taurus) – शांत लेकिन बेहद जिद्दी
वृषभ राशि के जातक आमतौर पर शांत और स्थिर होते हैं, लेकिन जब उनकी सोच या विश्वास को चुनौती दी जाती है, तो वे बहुत जिद्दी हो जाते हैं। वे अपने निर्णयों से पीछे नहीं हटते और “मेरा तरीका सही है” वाला रवैया अपनाते हैं। उनकी यह जिद रिश्तों में तनाव और मतभेद का कारण बन सकती है। हालांकि उनका इरादा लड़ाई करना नहीं होता, पर वे अपनी सीमाओं से समझौता नहीं करते।
सिंह राशि (Leo) – अहंकार और ध्यान की चाह
सिंह राशि के लोग स्वभाव से नेता और आत्मसम्मानी होते हैं। वे चाहते हैं कि उन्हें हर स्थिति में सम्मान और महत्व मिले। अगर साथी उनकी भावनाओं को न समझे या उन्हें नजरअंदाज करे, तो सिंह तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं। उनका अहंकार और “स्पॉटलाइट में रहने” की चाह कई बार रिश्ते में दूरी पैदा कर देती है। लेकिन अगर आप उनकी तारीफ और सराहना करें, तो वे जल्दी शांत भी हो जाते हैं।
वृश्चिक राशि (Scorpio) – गहराई और तीव्र भावनाएँ
वृश्चिक राशि के लोग भावनाओं को बहुत गहराई से महसूस करते हैं। वे अपने रिश्ते में संपूर्ण समर्पण चाहते हैं, लेकिन जब उन्हें धोखा या उपेक्षा का एहसास होता है, तो उनका क्रोध बहुत तीव्र हो सकता है। वृश्चिक जातक रिश्तों में नियंत्रण चाहते हैं, और जब चीजें उनकी मर्जी के अनुसार न हों, तो विवाद होना तय है। उनके लिए विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है, इसलिए पारदर्शिता से ही रिश्ते को मजबूत रखा जा सकता है।
मकर राशि (Capricorn) – गंभीर और व्यावहारिक लेकिन कठोर
मकर राशि के लोग बहुत व्यावहारिक और जिम्मेदार होते हैं, पर कभी-कभी उनकी यही गंभीरता रिश्ते में दूरी ला देती है। वे अपनी भावनाएँ कम व्यक्त करते हैं, जिससे साथी को ठंडापन महसूस हो सकता है। यदि उनका साथी भावनात्मक अपेक्षाएँ रखता है, तो टकराव की संभावना बढ़ जाती है। मकर जातक अपने काम और लक्ष्यों में इतने डूबे रहते हैं कि संवाद की कमी से बहसें बढ़ सकती हैं।
कुंभ राशि (Aquarius) – स्वतंत्रता-प्रेमी लेकिन अस्थिर
कुंभ राशि के लोग अपनी स्वतंत्रता और निजी स्थान को बहुत महत्व देते हैं। वे रिश्ते में घुटन पसंद नहीं करते। अगर साथी उनसे लगातार ध्यान या नियंत्रण की उम्मीद रखे, तो कुंभ जातक बगावत कर सकते हैं। उनका तार्किक स्वभाव भावनात्मक लोगों को ठंडा और असंवेदनशील लग सकता है, जिससे गलतफहमियाँ बढ़ती हैं।
क्यों होती हैं इन राशियों में टकराहट?
ज्योतिष के अनुसार प्रत्येक राशि का स्वामी ग्रह और तत्व उसके स्वभाव को प्रभावित करता है। अग्नि राशियाँ (मेष, सिंह, धनु) ऊर्जा और उत्साह से भरपूर होती हैं – ये जल्दी गुस्सा करती हैं लेकिन जल्दी शांत भी हो जाती हैं। पृथ्वी राशियाँ (वृषभ, कन्या, मकर) स्थिर होती हैं लेकिन जिद्दी स्वभाव के कारण टकराव बढ़ सकता है। जल राशियाँ (कर्क, वृश्चिक, मीन) भावनात्मक होती हैं और अधिक संवेदनशील प्रतिक्रियाएँ देती हैं। जब दो विपरीत तत्व की राशियाँ साथ आती हैं, तो संघर्ष स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है।
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निष्कर्ष
हर रिश्ता समझ, संवाद और सहनशीलता पर टिका होता है, लेकिन ज्योतिष यह बताता है कि आपकी राशि इस प्रक्रिया को कैसे प्रभावित करती है। मेष, सिंह, वृश्चिक, वृषभ, मकर और कुंभ राशियाँ अपनी मजबूत और तीव्र प्रकृति के कारण रिश्तों में टकराव की संभावना बढ़ा सकती हैं। हालाँकि, जब ज्योतिषीय समझ और संवाद का सहारा लिया जाए, तो हर मतभेद एक नए समर्पण में बदल सकता है। Duastro की फ्री कुंडली सेवा से आप अपने रिश्ते की दिशा को समझ सकते हैं और बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।